Literary Profile

कवि, कथाकार, उपन्यासकार संतोष चौबे हिन्दी के उन विरल साहित्यकारों में से हैं जो साहित्य तथा विज्ञान में समान रूप से सक्रिय हैं।

उनके तीन कथा संग्रह ‘हल्के रंग की कमीज़’, ‘रेस्त्रां में दोपहर’ तथा ‘प्रतिनिधि कहानियाँ’, दो उपन्यास ‘राग केदार’ और ‘क्या पता कामरेड मोहन’, तीन कविता संग्रह ‘कहीं और सच होंगे सपने’, ‘कोना धरती का’ एवं ‘इस अ-कवि समय में’ प्रकाशित और चर्चित हुये हैं, कहानियों का मंचन भारत भवन तथा राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में हुआ है तथा देश के सभी शीर्ष पत्र-पत्रिकाओं में वे लगातार प्रकाशित होती रही हैं, टेरी इगल्टन, फ्रेडरिक जेमसन, वॉल्टर बेंजामिन एवं ओडिसस इलाइटिस के उनके अनुवाद ‘लेखक और प्रतिबद्धता’ तथा ‘मॉस्को डायरी’ के नाम से प्रकाशित हैं और व्यापक रूप से पढ़े और सराहे गये हैं, हाल ही में उन्होंने कथाकार वनमाली पर केंद्रित दो खंडों में, ‘वनमाली समग्र’ का तथा कथा एवं उपन्यास पर केंद्रित वैचारिक गद्य की दो पुस्तकों ‘आख्यान का आंतरिक संकट’ एवं ‘उपन्यास की नयी परंपरा’ का संपादन भी किया है। वे पंद्रह वर्षों तक ‘उद्भावना’ के संपादक मंडल में रहे तथा उसके कहानी विशेषांक का संपादन भी किया। वर्तमान में ‘समावर्तन’ के संपादक मंडल में हैं और नाटक तथा कलाओं की समादृत अंतर्विधायी पत्रिका ‘रंग संवाद’ के प्रमुख संपादक हैं।

उनकी पुस्तक ‘कम्प्यूटर: एक परिचय’ हिन्दी में कम्प्यूटर की पहली किताब थी जिसने विक्रय के कीर्तिमान स्थापित किये और जिसे भारत सरकार का मेघनाद साहा पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसी विषय पर पांच अन्य पुस्तकों का लेखन, बच्चों के लिये ‘कम्प्यूटर की दुनिया’ एवं ‘कम्प्यूटर आपके लिये’ श्रृंखला में छः अन्य पुस्तकों का लेखन, हाल ही में नवीनतम विज्ञान विषयों पर केंद्रित बीस पुस्तकों का संपादन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना तकनीक पर देश की पहली हिंदी पत्रिका ‘इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए’ का पिछले पच्चीस वर्षों से सतत संपादन, कई विज्ञान नाटकों का लेखन एवं मंचन, ‘गैलीलियो’ का हिंदी में अनुवाद तथा मंचन।

जन विज्ञान और साक्षरता आंदोलनों में पिछले तीस वर्षों से सक्रिय भागीदारी, उनकी राष्ट्रीय समितियों के सदस्य रहे, मध्यप्रदेश विज्ञान सभा, भारत ज्ञान विज्ञान समिति (मध्यप्रदेश), अभिव्यक्ति तथा आॅल इंडिया सोसायटी फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी (आईसेक्ट) के प्रथम सचिव, राज्य संसाधन केन्द्र, मध्यप्रदेश के संस्थापक तथा उसके पहले निदेशक, बड़ौदा, दिल्ली और भोपाल में शोध तथा सलाहकार संस्थानों में काम किया, देश भर में विज्ञान, साक्षरता तथा सूचना तकनीक के लिये यात्राओं का आयोजन।

उन्हें मध्यप्रदेश साहित्य परिषद् का दुष्यंत कुमार पुरस्कार, भारत सरकार का मेघनाद साहा पुरस्कार, भारत सरकार का राष्ट्रीय विज्ञान प्रचार पुरस्कार, समग्र विज्ञान लेखन के लिये मध्यप्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी का डॉ. शंकर दयाल शर्मा पुरस्कार, राष्ट्रपति इंडियन इनोवेशन अवार्ड तथा नैसकॉम आई.टी. इनोवेशन अवॉर्ड एवं एशियन फोरम का प्रतिष्ठित i4d अवॉर्ड प्राप्त हुआ है। सामाजिक उद्यमिता के लिये उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित श्वॉब फाउंडेशन अवॉर्ड तथा सीनियर अशोक फेलोशिप भी प्राप्त हुये हैं।

भारतीय इंजीनियरिंग सेवा तथा भारतीय प्रशानिक सेवा के लिये चयनित संतोष चौबे, वर्तमान में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय तथा आईसेक्ट विश्वविद्यालय के चांसलर हैं तथा आईसेक्ट नेटवर्क, राज्य संसाधन केन्द्र एवं वनमाली सृजन पीठ के अध्यक्ष हैं।

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